How to do Pawanmuktasana step by step and benefits in Hindi

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How to do Pawanmuktasana step by step and benefits in Hindi
How to do Pawanmuktasana step by step and benefits in Hindi

How to do Pawanmuktasana step by step and benefits in Hindi: पवन का अर्थ है हवा, वायु। मुक्त का अर्थ स्वतंत्र। वह आसन जिसे करने से पवन (वायु) शरीर से मुक्त होती है, उसे पवन मुक्तासन कहते हैं।

गीता में भगवान श्री कृष्ण कहते हैं

तपस्विभ्योऽधिको योगी ज्ञानिभ्योऽपि मतोऽधिकः ।
                 कर्मिभ्यश्चाधिको योगी तस्माद्योगी भवार्जुन ।। (6/46)
है अर्जुन ! तू योगी बन जा। क्योंकि तपस्वियों, ज्ञानियों और सकाम कर्म में निरत् जन – इन सभी में योगी श्रेष्ठ है।

सुप्त पवन मुक्तासन को कैसे करें ? | How to do Supta Pawanmuktasana

सबसे पहले पीठ के बल लेट जाएं। फिर पैरों को सामने की तरफ सीधे रखें। साँसों को छोड़ते हुए बाह्य कुम्भक के साथ हाथों का सहारा लेके सीधे पैर के घुटने को मोड़ेंगें और छाती की तरफ लायेंगें और सर को उठाते हुए घुटने को नासिका से स्पर्श करने का प्रयास करेंगें । ऐसे करते समय पेट पर दबाव पड़ेगा । कुछ देर इसी स्तिथि में रुकें। अब साँसों को छोड़ते हुए वापिस समान स्तिथि में आ जाएँ ।अब यही क्रिया उलटे पैर से भी करें | तत्पश्चात यही क्रिया एक साथ दोनों घुटनो को मोड़कर के करें |सीधे पैर से किया गया ये आसन दक्षिण पवन मुक्तासन कहलाता है एंव उलटे पैर से किया गया वाम पवन मुक्तासन कहलाता है अथवा दोनों पैरों से किये जाने पर पूर्ण सुप्त पवन मुक्तासन कहलाता है।

श्वासक्रम/समय

घुटने को नाक स्पर्श कराते समय श्वास छोड़े। मूल अवस्था में लौटते समय श्वास लें। 5 से 10 बार इस क्रिया को दोहराएँ।

नोट :

एक पैर के घुटने को जब नाक से स्पर्श करें, तो दूसरा पैर जमीन के समानांतर स्पर्श करता हुआ रखें।

सुप्त पवन मुक्तासन के लाभ | Supta Pawanmuktasana Ke Labh | Benefits Of Wind Relieving Pose In Hindi

  • नाम के अनुरूप अपान वायु को शरीर से निष्कासित करता है।
  • पुराने से पुराना गठिया और कमर दर्द इसके अभ्यास से क्रमशः क्षीण होता जाता है।
  • कब्ज, खाने में अरुचि, आलस्य, आंत्रवृद्धि, रक्तविकार आदि रोगों की यह संजीवनी बूटी है।
  • सिर घूमना, मानसिक कमज़ोरी, सिर दर्द आदि रोगों में लाभकारी है।
  • मेद (चर्वी, मोटापा) कम करता है तथा मेरुदण्ड व ग्रीवा को मजबूत करता है।

सुप्त पवन मुक्तासन सावधानियाँ |Precautions for Supta Pawanmuktasana

  • अति उच्च रक्तचाप, स्लिपडिस्क एवं साइटिका वाले न करें ।
  • भोजन के बाद इस आसन को न करें ।

विशेष :

जब इसी आसन को बैठ कर किया जाता है तो उसे कुछ योग शिक्षक इसे सिर्फ पवन मुक्तासन भी कहते हैं।

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