हलासन | what is halasana and its benefits | What Is Plough Pose

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 हलासन | what is halasana and its benefits | What Is Plough Pose

 हलासन | what is halasana and its benefits | What Is Plough Pose
हलासन | what is halasana and its benefits | What Is Plough Pose

योग साधना से मनुष्य की अंतर्निहित शक्तियाँ जागृत होती हैं।

हलासन अर्थ : हल का अर्थ होता है “लांगल” ( यह खेतों में प्रयोग किए जाने वाले एक औजार का नाम है )। इस आसन को सर्वांगासन का दूसरा रूप माना जाता है |

हलासन करने की विधि | Halasana Kaise Karein? How To Do Plough Pose

हलासन | what is halasana and its benefits | What Is Plough Pose: इस आसन म सर्वांगासन की स्थिति से होते हुए पैरों को पीछे की ओर (सिर की तरफ़) सें की स्थिति में लेट जाएं। पैरों को समान उठाये । फिर पैर के पंजों को जमीन से स्पर्श कराएं। ध्यान रहे इस स्थिति में पैरों को लंबवत् ही मोड़कर ज़मीन पर स्पर्श कराना है, इस स्थिति में जालंधर बंध अपने आप लग जाता है।

आप हाथों की स्थिति दो प्रकार से कर सकते हैं पहली स्थिति में हाथ जमीन पर या नितम्य के नीचे रख सकते है । दूसरी स्थिति में अपने हाथों से पैरों के पंजों को स्पर्श करें। लगभग 10 से 15 सेकंड इसी स्थिति रहने के बाद धीरे-धीरे वापस शवासन की में आ जाएं।

श्वासक्रम/समय : पूर्ण स्थिति में जाते समय श्वास अन्दर रोकें एवं पूर्ण स्थिति बन जाने के बाद धीरे-धीरे श्वास-प्रश्वास करें व मूल स्थिति में वापिस आते समय अंतःकुंभक करें। तत्पश्चात् श्वास छोड़े अभ्यास हो जाने पर 5-7 मिनट तक हलासन की स्थिति में ही रहें|

ध्यान : विशुद्धि चक्र पर।

हलासन के फायदे | Benifiets Of Plough Pose In Hindi

  • यह आसन से आप यौवन प्राप्त कर सकते है ।
  • हृदय एवं पीठ को बल प्रदान करता यह आसन |
  • यह आसन रक्त का पूर्ण संचार करता है |
  • रक्त को शुद्धि करने में भी मदद करता है |
  • इस आसन को लगतार करने से आप की भूख बढ़ जाती है।
  • यौन शक्ति को मजबूत रखता हुआ यौन-विकार का नाश करता है।
  • चेहरे का निखार बढ़ाता है।
  • यह आसन सूक्ष्म तंत्रिका-तंत्र को मजबूत बनाता है।
  • इस आसन को रोजाना करने से आलस्य दूर हो जाता है।
  • आप की कार्य करने की क्षमता को भी बढ़ाता है।
  • यह आसन मन प्रसन्न रखता है |
  • ग्रीवा सम्बंधी रोगों को दूर करता है।
  • यह आसन गर्भाशय को मजबूती प्रदान करता है।
  • इस आसन से आप की कब्ज प्रॉब्लम का भी नाश होता है।
  • मधुमेह के रोगियों को लाभ होता है।
  • थायराइड में लाभ प्राप्त होता है।
  • रोजाना इस आसन को करने से रीढ़ की हड्डी मजबूत होती है |
  • यह आसन कमर को बुढ़ापे तक नहीं झुकने देता है।
  • यह आसन किडनी को मजबूत करता है।
  • इस आसन से आप एक्स्ट्रा फैट को दूर कर सकते है |
  • छोटी आंत व बड़ी आंत को कार्यात्मक बनाता है।

हलासन करते समय सावधानिया | Precautions While Doing Plough Pose

  • जिन का शरीर कड़क या रीढ़ की हड्डी में कोई प्रॉब्लम हो तो वो इस आसन को उचित देख-रेख में करें।
  • स्लिप डिस्क, हार्निया इस आसन को न करे |
  • हाई ब्लड प्रेशर वाले रोगी भी यह आसन न करे |

विशेष :

हलासन करने के बाद “चक्रासन”, “मत्स्यासन” और पीछे झुककर किए जाने वाले आसन अवश्य करें।

नोट:

हलासन की स्थिति में जब हाथों को पैरों की तरफ़ ले जाकर हयेलियों से पैरों के पंजों को पकड़ा जाता है। तब कुछ योगाचार्य उस स्थिति को पूर्वोत्तानासन भी कहते हैं एवं कहीं-कहीं इसका वर्णन धनुरासन के रूप में भी आता है। हमने पूर्वोत्तानासन का वर्णन सेतु आसन के साथ किया है

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